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छोड़ रास्ते इंसानियत के

2017-07

छोड़ रास्ते इंसानियत के जो हैवानियत पूजते हैंं,
कुरेदकर पुराने जख्म जिगर का हाल पूछते हैं।
मार जो देते हैंं इन्सान को किसी भी इल्जाम पर,
वे इस मुल्क के सोच की तासीर कब समझते हैं।
अवधेश

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