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वेलो की घूमती बातें|

कुछ तो लोग लिखेंगे|

बारिशो

2016-12

बारिशो की निकी निकी बूंदों वाला दिल
चाहे जो सनम, वो है बड़ा संगदिल। 

जाती बहारो में रुसवा मेरा दिल 
सूखे पेड़ो की गुमसुम, छाओ में बैठा दिल॥ 

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