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लेफ्ट राईट सेण्टर: ये नेताओं के भक्त आखिर क्या चाहते हैं?

2016-12

भाजपा: भक्तो की पार्टी। 

ये भक्त जो म्हारी गली हांडते है,

मन्ने गलियाते है, लताड़ते है।

दूर नहीं जाते, बस कोसते जाते है।

सोचता हूँ की आखिर ये क्या चाहते है?

नफरत है मुझसे जो, तो दूर जाते क्यों नहीं।

ये कमअक्ल खुद को समझाते क्यों नहीं ।।

बात अपने प्रधान मंत्री की करू

तो उसे अपनी जागीर बताते है

डेमोक्रेसी में सबको माँ बेहेन याद दिलाते क्यों है

मन्ने गलियाते है, लताड़ते है।

सोचता हूँ की आखिर ये क्या चाहते है?

 

 

 

आप: पागलो की पार्टी।  

ये आपिये जो बकर करते जाते है

हर बात पे फ़िज़ूल कुछ समझाते  है

हर चीज़ गलत है यहाँ, हर बात पर यहीसमझाते क्यों है।

खुद का है बेडा गर्ग, मुझे यही बताते क्यों है।

नए थे, नए रह जाते तो बेहतर होता

मुह उठा कर थूकने को अपना हुनर मानते क्यों है।

हाँ बाबा तुम सही, जितना वक़्त बचा तुम्हारा तब तक

पूछ लेना बस खुद से, कब तक, कब तक।

दूर नहीं जाते बस कोसते जाते है

सोचता हूँ की आखिर ये चाहते क्या है?

 

 

कांग्रेस: बचे हुओ की पार्टी। 

ये कांग्रेस जो आज भी हाथ दिखाते है।

मेरी बातों पे गुस्से वाला इमोजी दबाते है।

साठ साल के बाद, कम काम पर दूसरे को गलियाते क्यों है।

है शर्म तो चुल्लू भर, कभी सही बताते क्यों नहीं

खुद क्यों नहीं किया, जो सही था, ये बताते क्यों नहीं

मुह पे ताला अब कुछ दिन लगाते क्यों नहीं।

बिना कुछ लिखे फिर जल भून जाते है।

मुझे फर्क नहीं पड़ता ये  क्या चाहते है॥

 

और इसके बाद अगर कुछ लोग मुझे दाए बाए वाला बताना वाला है तो "थू"।

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