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फिल्लौरी में हनुमान चालीसा को हिमेश रेशम्मिया के गाने से बदला जायेगा। भूत जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट में बैठे।

2017-03

SATIRE/FAKE NEWS

मूम्बई/दिल्ली: भारत की फिल्म के सीने काटो संस्था जिसके अध्यक्ष प्रहलाज निहलानी है, ने फिर एक बार सुर्खियों में अपनी जगह बना ली है। इस बार फिल्म फिल्लौरी में सूरज शर्मा के ऊपर शूट एक सीन में, जिसमे वो बाथरूम में टब में बैठकर हनुमान चालीस का उच्चारण करते है को काटने के लिए कहा। 

फिल्म बनाने वाले इस बात के खासे नाराज़ है की भूत भागने के लिए अब वो हनुमान चालीसा का प्रयोग नहीं कर पाएंगे। ट्विटर पर ये बात ट्रेंड करने लगी। सभी फिल्मकार खासे परेशान है की अब भूत से डरते आदमी को कैसे दिखाया जायेगा। विक्रम भट्ट ने फिल्मो से सन्यास लेने का फैसला लिया है।


निर्माताओ ने हमको खास बातचीत में बताया की वो इस सीन को दो में से किसी एक तरह से पिक्चर करना चाहते थे। पहले में हीरो भूत की सुंदरता पे मर मिटता है और एक उत्तेजना पैदा कर देने वाला दृश्य था। पर निहलानी के डर से ही उन्होंने इसको अपने विचार से निकल दिया। उसके बाद हनुमान चालीसा जो कि सदियों से हिंदी फिल्मो में डरते आदमी का सहारा बनती है, को प्रयोग में लाया गया। पर फिर भी हम निहलानी से बच नहीं पाए।

खैर अब सुनने में आया है की निर्माताओ ने इसका उपाय ढून्ढ लिया है। अब हनुमान चालीसा की जगह हिमेश रेशम्मिया का गाना बजाया जाएगा और वो भी फुल वॉल्यूम। आपकी जानकारी के लिए बता दे की हिमेश रेशम्मिया जब गाते है तो आपके टीवी का वॉल्यूम बटन काम करना बंद हो जाता है(ये साबू के गुस्से से फटने वाले ज्वालामुखी की तरह ही एक सुपरपावर है जो सिर्फ रेशम्मिया जी में है।)


ये खबर जैसे ही फैली, पूरे भारत वर्ष के भूत समाज के लोग धरने पर जंतर मंतर पर बैठे है। उनके अध्यक्ष ने हमे बताया की ये भूत समाज के साथ भेद-भाव है। हनुमान चालीसा से हमे सिर्फ कमरे से बाहर निकलना पड़ता है, पर हिमेश रेशम्मिया के गाने से धरती छोड़नी पड़ेगी। हमने भी मोदी जी को वोट दिया था , क्या यही है हमारे अच्छे दिन?

हैरानी से देखते हमारे पत्रकार की उत्सकता देखते हुए उन्होंने हमे आगे बताया की वोटर लिस्ट में इतने मृत लोगो के नाम ऐसे ही थोड़ी न आते है, हम भी वोट बैंक है। अभी बीते चुनावो में शमशान और कब्रिस्तान का मुद्दा ऐसे ही थोड़ी न छाया था। ये हमारे लिए किये जाने वाले लुभावने वादे थे। पर अब ये आमरण अनशन तब तक चलेगा जब तक फिल्म में हनुमान चालीसा को वापस नहीं लाया जाता। हम इस लड़ाई को अपनी आखरी सांस तक लड़ेंगे।


भारत खुशियो के मापदंडो में चीन और पाकिस्तान से भी पिछड़ चूका है। अगर आपको ये आर्टिकल खुश करता है तो इसे शेयर करके इस मापदंड में अपने देश को आगे पहुचाने में भागिदार बने।

 

जय हिन्द।


ये लेख सिर्फ मज़ाक के तौर पे लिखा गया है। इसका सत्य घटनाओ से कुछ लेना देना नहीं है। यदि ये आपकी भावनाएं आहत करता है तो आपके कंप्यूटर स्क्रीन पर सीधे हाथ पे ऊपर की तरफ कांटे का निशान है, कृपया करके उसे दबाये और इस लेख से मुक्ति पाए।

 

 

 

 

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