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मणिपुर और गोवा में बनेगी कांग्रेस की सरकार। राहुल गाँधी ने आखिर कर संभाली कांग्रेस की कमान।

2017-03

  SATIRE / FAKE NEWS


Delhi: अचंभित न हो, कांग्रेस पार्टी में सभी जानते थे की राहुल गांधी(जी, अब तो लगाना पड़ेगा) कुछ बड़ा कार्य करने के लिए धरती पर अवतार लेकर आये है। पर वजह अभी तक मिल नहीं पायी थी। अब सबको मिल गयी। जैसे ही खबर सत्ता के गलियारों में फैली सब में खलबली फ़ैल गयी। दिग्विजय सिंह से लेकर मनीष तिवारी तक सब उनके गुणगान करने को आतुर हो गए। किसी ने कहा की ये तो होना ही था। किसी ने कहा अब मोदी जी तो मुह तोड़ जवाब देने को वो तैयार हो चुके है। हमारे संवाददाता ने एक सीनियर कांग्रेस कार्यकर्ता से जब पुछा की आखिर कौन से नेता आपको समर्थन देने को तैयार हो गए है। इसका उन्हें कोई अंदाज़ा नहीं था। कांग्रेस में ज्यादातर नेताओ का यही हाल था। किसी को ये तो नहीं पता था की हुआ क्या है पर सब राहुल गांधी की भरपूर तारीफ करने में जुटे थे।

 

एक नेता ने हमसे बोल की राहुल गांधी जी के युवा नेतृत्व में हमने ये चुनाव जीते है। हमारे पत्रकार चतुर खुजली ने उनसे पुछा की जब वो उत्तर प्रदेश की शर्मिंदा कर देने वाली हार की जिम्मेवारी नहीं लेते तो जीत की कैसे ले सकते है पर वो बिना जवाब दिए कुल्टी मारते दिखाई दिए। बिहार के लालू ने बया दे दाल की राहुल बचाव के जुवा(युवा) नेतृत्व में हम मोदी की रथ यात्रा रोक देंगे 2019 में।

 

यहाँ तक तो सब ठीक था। पर जब हमने मणिपुर और गोवा के निर्दलीय और अन्य दाल वाले नेताओ से बात की तो उन्होंने समर्थन का एलान नहीं किया था। इसपर हमारे संवाददाता चतुर खुजली की उत्तेजना और बढ़ी की आखिर ये माजरा है क्या?

 

ये जानने के हमारे संवाददाता अंडरकवर हो गए और राहुल गाँधी के घर काम करने लगे। पर एक हफ्ता काम करने के बाद वो सिर्फ चैनल चेंज करवाकर अलग अलग कार्टून देखते रहते थे। घर के माली ने हमे बताया की ये खबरें इसलिए फैली क्योंकि राहुल जी को छोटा भीम ने सपने में बताया की वो उन्हें गोवा और मणिपुर में समर्थन देने को तैयार है।  पर 50 साल और इंतज़ार करना है।


गुस्से से लाल हमारे संवाददाता तुरंत वह से निकल आये। एक हफ्ते में कोई ढंग का काम न करने पर उनकी तनख्वाह काटी जाने ही वाली थी। की एक भाजपा में कार्यरत दोस्त से अनौपचारिक बातचीत में उन्हें कुछ ख़ास पता चला की आखिर ये पूरा माजरा है क्या?



हुआ कुछ यूँ की राहुल गांधी को सपना आया की छोटा भीम उन्हें समर्थन तो देगा पर 50 साल बाद। पर भीम के समर्थन की खबर को ख़ुशी ख़ुशी अपनी मम्मी श्रीमती सोनिया गांधी को पार्लियामेंट में बताते हुए उन्हें अमित शाह ने सुन लिया। अब चुकी बहुत समय से कांग्रेस पार्टी में कुछ नया हुआ नहीं और राहुल गांधी जी के नेतृत्व पर सवाल भी उठ रहे है। और अगर उनको पार्टी ने दरकिनार कर दिया तो भाजपा का कांग्रेस मुक्त भारत का द्रढ संकल्प भी कहते में पड़ सकता था। इसीलिए इस अफवाह को फैलाया जा रहा है ताकि राहुल गांधी जी के नेतृत्व को कम से काम 2019 तक खींच सके।

 

अजब होती है ये राजनीती भी!

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जय हिन्द।


ये लेख सिर्फ मज़ाक के तौर पे लिखा गया है। इसका सत्य घटनाओ से कुछ लेना देना नहीं है। यदि ये आपकी भावनाएं आहत करता है तो आपके कंप्यूटर स्क्रीन पर सीधे हाथ पे ऊपर की तरफ कांटे का निशान है, कृपया करके उसे दबाये और इस लेख से मुक्ति पाए।

 

 

 

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