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वेलो की घूमती बातें|

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देशभक्त दीपावली मनाने के नुस्खे॥

2016-10

 

 

इस बार भारत की सबसे प्राचीनतम विद्यालय फेसबुक पर घुमते पत्रो को पढ़कर, हमने जहां अध्यन करके ये तरीके निकले है जिनसे आप मना सकते है एक सच्ची देशभक्त दिवाली। अगर ऐसे नहीं मनाएंगे तो आप देशद्रोही कहलाये जायेंगे। 

 

१. दिवाली पे पटाखे न फोड़े इससे ध्वनि और वायु प्रदुषण बहुत फैलता है।  जब आपके घर झाड़ू लगाने वाले आये तो आप उनको दिवाली पर दिए जाने वाले पैसो के लिए मांडवाली भी कर सकते है। प्रदुषण से दिल्ली के जैसे हालात है आपको अगले दिन सुबह उठकर बिलकुल भी इसकी कमी नहीं खलेगी। चीनी पटाखे तो बिलकुल ही मना है। एक तो इससे आपके देशद्रोही करार दिए जाने का खतरा है दुसरे इसके चलने की कोई गारंटी नहीं है। महापुरुषों ने कहा है "चले तो चाँद तक नहीं तो किस्मत शाम तक". असल में तो ये भी अतिशयोक्ति ही है, क्योंकि कई बार ऐसा देखा गया है की आप जब उससे दूकान से घर लेकर पहुचेगे वो चलना बंद कर चुके होंगे 

 

२. दिवाली पर घर पर दिए जलाये, चीनी लाइट का प्रयोग बिलकुल भी न करे।  चीनी रौशनी का प्रयोग करने से आपके देशद्रोही करार दिए जाने के खतरा होगा। अब अगर आप ये सोच रहे है की पिछले साल की खरीदी चीनी लाइट का क्या करें तो दो बातें है दोस्त, अव्वल तो ये एक साल बाद चले गई नहीं दुसरे चल गयी तो ये मान कर चले की देशद्रोही आप पिछले साल ही बन गए थे। अब दोबारा क्यों चाह रहे है। अपने लोकल बिजली वाले से एक तार पे बहुत सारे बल्ब लगवा सकते है, और सालो तक इसको चला सकते है। और इसी के साथ देश भक्त बने रह सकते है। इसका मतलब ये की "एक नाईट बल्ब आपको देश भक्त बना सकता है"

 

३. दिवाली के गिफ्ट के डब्बे और बादाम पुराणी दिल्ली से ले आये, ५ डब्बे सस्ते में बनाये और पूरी दिवाली इसका डब्बा उसके सर करके गिफ्ट वितरण की रस्मे पूरी करे। किसी भी विदेशी कंपनी का डब्बा लाने से आप इस साल तो नहीं पर अगले साल देशद्रोही कहलाये जा सकते है। भविष्य की चिंता करते हुए पुराणी दिल्ली को जाने वाली अगली मेट्रो पकड़ ले। 

 

 

४. जानवरो को पटाखों से लगने वाले डर के मैसेज फेसबुक पर करेंगे तो लोग आपसे पूछेंगे की आप शाकाहारी है या मांसाहारी तो इससे भी बचे। आप चिकन खाते है बस पर आप किसी को ये नहीं कह सकते की आपके कुत्ते को पटाखों से डर लगता है क्योंकि आप चिकन कहते  है, तो उनका तात्पर्य है की आप अपने कुत्ते को भी खा जाए । इसमें तर्क ढूंढने का प्रयास न करे, बेहतरी इससे में है की शांति बनाये रखे। हमारे पिछले प्रधानमंत्री से अपने ये तो सीखना ही था।  पर अगर आप ये बोलेगे की उनसे सीखा है तो फिर वाद विवाद में गालियां खायेगे। 

 

अब आप सोचेंगे की पटाखे न फोड़े तो दिवाली पे मज़ा कैसे आएगा। इसका उत्तर ये है 

 

जी भर के मूली के परांठे खाये, गुब्बारे की तरह फूल जाए

संयम न रखे खुद पर, हवा के झरोखे को एक बार पटाखों की तरह चलाये। 

 

शुभ दिवाली। 

 

भारत माता की जय (लो हो गए हम देशभक्त)

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